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BJP Delhi MCD ने Dilli में लगाए 11 नए TAX | खा गए ₹2457 Crore | Durgesh Pathak ने किया Expose



#DurgeshPathak #DelhiMCD #DelhiBJP

BJP Delhi MCD ने Dilli में लगाए 11 नए TAX | खा गए ₹2457 Crore | Durgesh Pathak ने किया Expose

1. For Information on Delhi’s Electric Vehicle Policy
https://youtu.be/qqt_JK9Lx2o

2. Delhi की Buses में चालू हुआ E-Ticketing System
https://youtu.be/pEY58qwQ25o

3. For Information on Rozgar Bazar
https://youtu.be/m-BqGsvj82I

4. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से खास बातचीत Hastakshep with UpendraRai
https://youtu.be/B8K-x2v2w98

5. Delhi Chief Minister Shri Arvind Kejriwal Exclusive Interview on Times Now
https://youtu.be/dG2W19qOg24

6. बुराड़ी में 450 बेड के अस्पताल का हुआ ऑनलाइन शुभारंभ

https://youtu.be/hNOkrAdvLpY

7. CM Arvind Kejriwal Inaugurates Plasma Bank in LNJP Hospital
https://youtu.be/AjMOSNGAJ9w

8. Chandni Chowk Transformation by Arvind Kejriwal’s Government
https://youtu.be/z-rl6Rw2oYc
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36 Comments

  1. Lootne me tum kon se kam ho.Mask ke naam par band gaadi me akele person se 2000 lene wale to chup hi rahe.isee badi loot to kisi state me nahi hogi

  2. दिल्ली की जनता के कर्म सही हैं कि उन्हें आप सरकार का साथ मिला पर जिन्हें
    हिन्दू मुस्लिम
    लवजिहाद
    गोदी मिडिया
    राम मंदिर
    चाहिए वो इस बीजेपी सरकार से ही ख़ुश हैं
    क्या हुआ रोज़गार नहीं मिलेगा तो बच्चों को ये सरकार गुंडा तो बना ही देगी
    सोशल प्लेटफार्म पर गालीगलौज करने वाला गुंडा
    डिप्टी सीएम के घर में बेधड़क घुस जाने वाला गुंडा!
    आप सरकार की हर सही बात को ग़लत साबित करने वाला गुंडा!
    दुख इस बात का है कि इस युवा को पता ही नहीं है कि यह सरकार अडानी अंबानी वाली सरकार है जिसके लिए आम युवा की कोई औक़ात नहीं है, ना होगी!
    कभी देखा जिन्हें फायदा हो रहा है इस सरकार से उनके बच्चों को इनके लिए गुंडागर्दी करते हुए! क्योंकि उनके सामने इनकी कोई औक़ात नहीं है!
    और आम युवा की औक़ात देख ही रहे हो, वो कहीं ना कहीं बैठा सही बात को ग़लत बताने में लगा हुआ है!
    नहीं समझता ये युवा के चंद रुपयो के लिए अपनी ज़िंदगी दांव पर लगा चुका हैं!
    दीमक की तरह खा रही है ये सरकार देश के हर युवा को, हर विभाग को! पर नहीं फ़र्क पड़ता देश को! तभी तो इतना होने पर भी बीजेपी का साथ देते हैं लोग!
    ना जाने इस हवा में क्या ज़हर घुल गया है कि सब अंधभक्त हो गए हैं
    पर वक्त बदलता है, बदलेगा, जल्द ही उतरेगा नशा इस अंधभक्ती का!

  3. BJP NEVER WANTED A PARTY AAP, BECAUSE ITS THEIR PARTY. I WILL EXPLAIN THIS POINT
    AAP FOR BJP IS NOT Aam Admi Party, but AMBANI-ADANI-PARTY. THAT IS WHY THEY ARE JEALOUS OF AAP

  4. BJP is plundering Delhi MCD finances, toying with Delhi's security instigated riots. Give all the scanned images, links of the corruption documents in the 181+ BJP corruption series. Post them well on YouTube, Facebook, Instagram, Twitter. There are such corruption series' in all other states, even while in Opposition in Bengal BJP is indulging in child trafficking, cattle smuggling, funds embezzlement in civic bodies, violence, killing!! Like you are seeing in Goa.

  5. Ye Sab Chalbaz party ke log , H Sabko Kaam bata Gaya h, Aap MCD ki Burai karogey, aap BJP Party ki Burai karogey, kaam Barry hue h, Sab Apna Kaam Kar rahe h Sab Jhoot Faaty h Ye Delhi Ke CM ki Policy h Delhi ki Janta se Appeal h Inko Pahchano Or Inka Patta Saaf Karo Next Time, Ye Delhi ki Colonies ke Liye Kuch Kar rahe h Log Narkiye Jeevan her Rahe h Kissano ke Pass Bhag Bhag Kar Ka rahe h, Ye Rajnity Ka Khel h Ye Sab GIDD h, Jai ho Modi Ji ki

  6. Kuch bhi karo..magar agli mcd jeetni he h..ye bjp walon ka koi bharosa nahi..media inki h..aur dharam ka naam use karke ye log jeeth bhi sakte h…kuch bhi karo..jeetna he h….har ghar me jao
    Logo ko samjao..pichli baar ki galti nahi honi chahiye.. Kejriwal sir aapkobhi isme jhor dena hoga..

  7. कृपा करके राखी बिरला जी को भी आप की मीटिंग मे बुलाइये,,

    राखी बिरला, बहोत बढिया बोलती हैं,

    चाय वाला PM,
    तडीपार गृहमंत्री

  8. know why farmers are against the new agriculture law ये हैं कृषि कानून को लेकर किसानों के विरोध का कारण और भय
    कृषि बिल को लेकर किसानों का सरकार के साथ गतिरोध बरकरार है. किसान और सरकार के बीच में अब तक पांच दौर की वार्ता हो चुकी है. किसान तीनों कृषि बिलों को वापस लेने की मांग पर अड़े हुए हैं. केन्द्र सरकार सितंबर महीने में 3 नए कृषि विधेयक लए आई थी, जिन पर राष्ट्रपति की मुहर लगने के बाद वे अब कानून बन चुके हैं. लेकिन किसानों को ये कानून रास नहीं आ रहे हैं. किसानों का कहना है कि इन कानूनों से किसानों को नुकसान और निजी खरीदारों व बड़े कॉरपोरेट घरानों को फायदा होगा. इसके साथ किसानों को फसल का न्यूनतम समर्थन मूल्य खत्म हो जाने का भी डर सता रहा है.
    क्या हैं किसानों की मांगें?
    1. दरअसल केंद्र सरकार "एक देश एक मंडी" बनाने पर जोर दो रही है. इसका उद्देश्य विभिन्न राज्य विधानसभाओं द्वारा गठित कृषि उपज विपणन समितियों (एपीएमसी) द्वारा विनियमित मंडियों के बाहर कृषि उपज की बिक्री की अनुमति देना है. सरकार का कहना है कि किसान इस कानून के जरिये अब एपीएमसी मंडियों के बाहर भी अपनी उपज को ऊंचे दामों पर बेच पाएंगे. निजी खरीदारों से बेहतर दाम प्राप्त कर पाएंगे. दूसरी तरफ किसानों का कहना है कि सरकार किसी विशेष वर्ग उद्योगपतियों के लिए व्यापार का सरलीकरण कर रही है जिससे उन्हें इसका लाभ मिल सके. केंद्र ने नए कानून के जरिये एपीएमसी मंडियों को एक सीमा में बांध दिया है. एग्रीकल्चरल प्रोड्यूस मार्केट कमेटी (APMC) के स्वामित्व वाले अनाज बाजार (मंडियों) को उन बिलों में शामिल नहीं किया गया है. इसके जरिये बड़े कॉर्पोरेट खरीदारों को खुली छूट दी गई है. बिना किसी पंजीकरण और बिना किसी कानून के दायरे में आए हुए वे किसानों की उपज खरीद-बेच सकते हैं.
    2. केंद्र सरकार आवश्यक वस्तु (संशोधन) विधेयक पास किया है. इस विधेयक के बाद यह कानून अनाज, दालों, आलू, प्याज और खाद्य तिलहन जैसे खाद्य पदार्थों के उत्पादन, आपूर्ति, वितरण को विनियमित करता है. यानी इस तरह के खाद्य पदार्थ आवश्यक वस्तु की सूची से बाहर करने का प्रावधान है. इसके बाद युद्ध व प्राकृतिक आपदा जैसी आपात स्थितियों को छोड़कर भंडारण की कोई सीमा नहीं रह जाएगी. किसानों का कहना है कि इससे जमाखोरी बढ़ जाएगी. मतलब कितना भी जमा करो कोई नहीं पूछेगा जब मर्जी हो तब बाजार में निकालो. 
    3. कांट्रेक्ट फार्मिंग यानि संबिदा खेती को लेकर भी सरकार ने नया कानून बना दिया है. इस कानून का उद्देश्य अनुबंध खेती यानी कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग की इजाजत देना है. आप की जमीन को एक निश्चित राशि पर एक पूंजीपति या ठेकेदार किराये पर लेगा और अपने हिसाब से फसल का उत्पादन कर बाजार में बेचेगा. दूसरी तरफ किसानों का कहना है कि परंपरा गत खेती की जगह संबिदा खेती का मतलब बड़ी कंपनियां सीधे तौर पर इसका फायदा उठाएंगी. वही हमें बताएंगी कि हमें किया बोना है. अपनी शर्तों पर फसल खरीदेंगी. कंपनी द्वारा संविदा की शर्तो का उल्लंघन किये जाने पर किसान अपनी शिकायत न्यायालय मे दर्ज नहीं करा सकता है, केवल उपखंड अधिकारी के यहाँ दर्ज करबा सकता है. ऐसे मे किसान की न्याय मिलने की उम्मीद ना के बराबर है.

  9. भाई ये सारे पैसे M C D के अधिकारी और बीजेपी के पारशद खां गंऐ है ईनसे बडीं चौर पारटी कोई नहीं

  10. Inke baap ka paisa hai kya jo maaf kar diya …..ye chutiya neta detail mai bata toh raha hai or sab dekh k mazey le rahe ho par ab aagey kya karna hai kisi ko nahi pata ..

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